1. जिला प्रमोशन एजेंसी (DPA) का संचालन AFPO Development Council (AFDC) द्वारा निर्धारित नीति, SOP एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
2. DPA को राज्य सरकार की नीतियों, योजनाओं एवं कार्यक्रमों के अनुरूप कार्य करना अनिवार्य होगा।
3. DPA द्वारा किया गया निवेश फ्रेंचाइज़ी शुल्क नहीं होगा तथा यह पूर्णतः परिसंपत्ति, सेवाओं एवं ऑपरेशनल ढांचे के विकास हेतु उपयोग किया जाएगा।
4. DPA को जिला स्तर पर कार्यालय स्थापित करना तथा आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
5. DPA को सभी AFDC कार्ड आधारित एवं भौतिक सेवाओं का संचालन पारदर्शी एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार करना होगा।
6. DPA को समय-समय पर AFDC एवं संबंधित सरकारी विभागों को प्रगति रिपोर्ट, वित्तीय विवरण एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
7. राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए युवा फेलो एवं बैंकिंग अधिकारी के साथ समन्वय करना DPA की जिम्मेदारी होगी।
8. DPA को सभी वित्तीय लेन-देन, सेवा शुल्क एवं राजस्व संग्रह निर्धारित नियमों के अनुसार करना होगा।
9. किसी भी प्रकार की अनियमितता, गलत प्रस्तुति या नीति उल्लंघन की स्थिति में AFDC को DPA का चयन निरस्त करने अथवा संचालन समाप्त करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।
10. DPA द्वारा किया गया निवेश एवं संचालन किसी भी प्रकार की निश्चित आय या लाभ की गारंटी नहीं देगा।
11. सभी विवादों की स्थिति में AFDC का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा।
AFDC का जिला प्रमोशन एजेंसी मॉडल एक सरकारी नीति-संरेखित, एसेट-बेस्ड एवं दीर्घकालिक ग्रामीण उद्यमिता मॉडल है, जो निवेशक, उद्यमी और ग्रामीण समुदाय – तीनों के लिए सतत लाभ का ढांचा प्रदान करता है।
यह मॉडल ग्रामीण भारत में रोजगार, सेवा और आय सृजन की एक मजबूत आधारशिला रखता है।